मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल दुर्घटना में चार स्कूली छात्रों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। गोबिंदपुर रेलवे फाटक पर रेलवे लाइन पार कर रही एक स्कूल वैन तेज रफ्तार पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे में वैन चालक समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 6:20 बजे नबद्वीप-बालुरघाट एक्सप्रेस के गुजरने के बाद रेलवे फाटक खोला गया था। इसके बाद स्कूल वैन समेत तीन वाहन ट्रैक पार करने लगे। इसी दौरान ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन तेज गति से वहां पहुंच गई। दो वाहन सुरक्षित निकल गए, लेकिन स्कूल वैन और एक साइकिल सवार ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में चार मासूम बच्चों और 65 वर्षीय साइकिल सवार की मौत हो गई। वहीं घायल बच्चों और वैन चालक को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

पूर्वी रेलवे ने स्पष्ट किया है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही की वजह से हुआ। शुरुआती जांच में ड्यूटी पर तैनात गेटमैन की गलती सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए रेलवे ने 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भी गठित की है।
रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर कुछ समय के लिए रेल सेवाएं बाधित कर दीं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आधुनिक ट्रेनों की योजनाओं से पहले रेलवे फाटकों पर सुरक्षा मजबूत करना जरूरी है। वहीं तृणमूल कांग्रेस नेता कुनाल घोष ने कहा कि यदि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की लापरवाही सामने आई है, तो इसकी जवाबदेही रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार की भी तय होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।



