Sunday, November 8, 2026
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₹257.32 करोड़ की लागत से जालंधर–होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास का रास्ता साफ,पंजाब सरकार ने केंद्र को भेजा विस्तृत अनुमान; पवन टीनू ने जल्द मंजूरी की उठाई मांग

चंडीगढ़, 17 जुलाई।

जालंधर–होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 3), जिसे आमतौर पर आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना के नाम से भी जाना जाता है, के लंबे समय से रुके विकास कार्य को दोबारा गति देने की दिशा में पंजाब सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किलोमीटर 11.400 से 29.200 तक शेष 4-लेन सड़क एवं पक्के शोल्डर के निर्माण कार्य के लिए ₹257.32 करोड़ की लागत का विस्तृत अनुमान (डिटेल्ड एस्टीमेट) स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग सर्किल, अमृतसर के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) द्वारा तैयार कर पंजाब सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है।
इस संबंध में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू ने पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जून के पहले सप्ताह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनहित को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देकर जल्द शुरू कराने की मांग की थी।

पवन टीनू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार परियोजना का का विस्तृत अनुमान (डिटेल्ड एस्टीमेट) तैयार कर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देकर लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से जालंधर और होशियारपुर के बीच यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। साथ ही सड़क अवसंरचना मजबूत होने से औद्योगिक, व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। लंबे समय से अधर में लटकी इस परियोजना के फिर से आगे बढ़ने की संभावना से क्षेत्र के लोगों में भी उम्मीद जगी है।

उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर केंद्र सरकार को विस्तृत अनुमान भेज दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस प्रस्ताव को बिना किसी देरी के मंजूरी देकर निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से परेशान हो रही जनता को राहत मिल सके।

पवन टीनू ने बताया कि आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू किया गया था, लेकिन वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ढीली नीतियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य रुकने के बाद सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि हो गई, जिसके चलते ठेकेदार ने पुराने रेट पर काम जारी रखने से इनकार कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी इस महत्वपूर्ण परियोजना को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण यह विकास कार्य लगातार विलंब का शिकार होता रहा और क्षेत्र की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

पवन टीनू ने बताया कि उन्होंने लगातार केंद्र सरकार के समक्ष इस परियोजना को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। इसी दौरान केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित घोटाले और अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। इसके बाद 29 जुलाई 2025 को इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया था।

पवन टीनू ने बताया कि परियोजना बंद होने के अगले ही दिन 30 जुलाई 2025 को वे तीन अन्य सांसदों के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे। इस दौरान उन्होंने आदमपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की जोरदार मांग उठाई।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण से जुड़ा विवाद होशियारपुर क्षेत्र में हुआ है तो उसकी वजह से जालंधर और आदमपुर की जनता को वर्षों तक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि परियोजना में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन जनहित की इस परियोजना को तत्काल दोबारा शुरू किया जाए।

पवन टीनू ने आदमपुर की रणनीतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थित है, जहां से देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े अभियान संचालित किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि आदमपुर में एयरपोर्ट भी संचालित है, जहां से बड़ी संख्या में लोग हवाई यात्रा करते हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश जाने वाले पर्यटक, धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालु तथा विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोग भी इसी मार्ग का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं। ऐसे में इस राष्ट्रीय राजमार्ग का शीघ्र निर्माण केवल क्षेत्रीय विकास ही नहीं, बल्कि सामरिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है।

पवन टीनू ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार द्वारा भेजे गए ₹257.32 करोड़ के विस्तृत अनुमान को केंद्र सरकार शीघ्र मंजूरी देगी और लंबे समय से रुकी इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, जिससे जालंधर, आदमपुर और होशियारपुर क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

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