Drive Abroad with Indian Licence: अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं और वहां खुद कार चलाने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कई देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस (Indian Driving Licence) के आधार पर सीमित अवधि तक वाहन चलाने की अनुमति मिलती है। हालांकि, हर देश के अपने नियम और शर्तें हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
विदेश में भारतीय लाइसेंस का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब वह पूरी तरह वैध हो। लाइसेंस पर नाम, फोटो और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से अंग्रेजी में लिखी होनी चाहिए। यदि आपके पास स्मार्ट कार्ड या डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस है, तो कई देशों में उसकी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
किन देशों में चला सकते हैं गाड़ी?
भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर कई देशों में पर्यटक कार किराए पर लेकर ड्राइव कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- अमेरिका (USA)
- ब्रिटेन (UK)
- जर्मनी
- फ्रांस
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूजीलैंड
हालांकि, अलग-अलग देशों में लाइसेंस की मान्यता और नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित देश के ट्रैफिक नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।
नहीं मान्य है लाइसेंस? IDP बनवाएं
अगर किसी देश में केवल भारतीय लाइसेंस स्वीकार नहीं किया जाता, तो ऐसे में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP) बनवाया जा सकता है। इसे स्थानीय RTO या सरकार के परिवहन सेवा पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। IDP के जरिए दुनिया के करीब 150 देशों में कानूनी रूप से वाहन चलाने की सुविधा मिलती है।
कितने समय तक कर सकते हैं इस्तेमाल?
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता लंबी अवधि तक रहती है, लेकिन विदेशों में इसका उपयोग सीमित समय के लिए ही किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय लाइसेंस पर लगभग 90 दिनों तक और अमेरिका के कई हिस्सों में करीब एक साल तक ड्राइविंग की अनुमति मिल सकती है। अधिकांश देशों में यह अवधि 3 महीने से 1 साल के बीच होती है।
लंबे समय के लिए रहना है तो बनवाना होगा नया लाइसेंस
अगर आप किसी देश में नौकरी, पढ़ाई या स्थायी रूप से रहने जा रहे हैं, तो वहां का स्थानीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अनिवार्य हो सकता है। इसके लिए संबंधित देश के नियमों के अनुसार ड्राइविंग टेस्ट और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं।
कार रेंट पर लेने के लिए क्या जरूरी है?
विदेश में कार किराए पर लेने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के साथ वैध पासपोर्ट, वीजा और सिक्योरिटी डिपॉजिट के लिए इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड की भी आवश्यकता होती है।
सड़क के नियम पहले समझ लें
भारत में वाहन सड़क की बाईं ओर चलते हैं, जबकि अमेरिका और यूरोप के अधिकांश देशों में दाईं ओर ड्राइविंग होती है। इसलिए विदेश में वाहन चलाने से पहले वहां के ट्रैफिक नियमों और ड्राइविंग सिस्टम को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और आरामदायक रहे।



