जालंधर:
डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया के दिशा-निर्देशों पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी. की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डी.डब्ल्यू.एस.एम.) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही स्वच्छता, ठोस एवं तरल कूड़ा प्रबंधन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित बैठक के दौरान अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित विभागों को ठोस कूड़ा प्रबंधन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आपसी समन्वय और सक्रिय कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा स्थायी कूड़ा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वच्छता परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने तथा सरकार और संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ठोस कूड़ा प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को बड़े स्तर पर कूड़ा उत्पन्न करने वाले संस्थानों की पहचान कर उनके कूड़ा प्रबंधन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

दिव्या पी. ने वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, कूड़े के उचित प्रसंस्करण एवं निपटान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं और सफाई अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर कार्यकारी अभियंता एवं जिला स्वच्छता अधिकारी एस.एस. धालीवाल ने ठोस एवं तरल संसाधन प्रबंधन (एस.एल.आर.एम.), कम्युनिटी सैनिटरी कॉम्प्लेक्स (सी.एस.सी.), तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्लास्टिक कूड़ा प्रबंधन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया।
बैठक में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



