अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जालंधर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और उद्यमियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं और सरकारी पहलों के बारे में जागरूक करना था। इस अवसर पर आरबीआई चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक लगातार एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (पीएसएल), ट्रेड्स (TReDS), सीजीटीएमएसई (CGTMSE) के तहत बिना गारंटी ऋण, विशेष एमएसएमई शाखाओं की स्थापना, ऋण पुनर्गठन तथा क्रेडिट प्रस्ताव ट्रैकिंग सिस्टम जैसी कई पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से लाखों उद्यमियों को वित्तीय संसाधनों तक पहुंच मिली है, जिससे वे अपने कारोबार का विस्तार करने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि व्यापक नीतिगत ढांचे के बावजूद एमएसएमई क्षेत्र को अभी भी कई परिचालन और संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार और केंद्रीय बैंक द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान और आउटरीच गतिविधियों को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में आरबीआई के महाप्रबंधक पंकज सेतिया सहित विभिन्न बैंकों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब ग्रामीण बैंक, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, सिडबी (SIDBI), जिला उद्योग केंद्र (DIC) और एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (MSME-DFO) के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण योजनाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनसे जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।



