भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। 1 मार्च 2025 से शुरू किए गए इस अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशामुक्ति, पुनर्वास और जन-जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि 1 मार्च 2025 से मई 2026 तक राज्य के विभिन्न नशामुक्ति और ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओओएटी) केंद्रों में 90 हजार से अधिक नशा पीड़ितों को भर्ती कर उनका उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के जरिए सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। नशे की शुरुआती पहचान और रोकथाम में शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार नशामुक्ति, पुनर्वास और काउंसलिंग के तीन प्रमुख स्तंभों के आधार पर पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाज के सामूहिक सहयोग से ही पंजाब को नशे की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सकता है।



