Sunday, November 8, 2026
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पंजाब में नौजवानों की बेरोजगारी दर 19.1 प्रतिशत से घटकर 17 प्रतिशत हुई : अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 5 अगस्त:

 

पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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