गुरदासपुर: आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 को लेकर भारतीय जूडो टीम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ी पंजाब के गुरदासपुर स्थित शहीद भगत सिंह ट्रेनिंग सेंटर में दिन-रात अभ्यास कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी तैयार कर चुका यह सेंटर इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों के लिए अहम ट्रेनिंग बेस बना हुआ है।
भारतीय टीम की 14 सदस्यीय जूडो टीम में शामिल पेरिस ओलंपियन तुलिका मान, राष्ट्रीय चैंपियन हर्ष कुमार और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी करणजीत मान यहां अपनी फिटनेस, तकनीक और मुकाबले की रणनीति पर लगातार काम कर रहे हैं। भारतीय दल 26 जुलाई को कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने के लिए स्कॉटलैंड के ग्लासगो रवाना होगा।
ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) के नियमों का भी सख्ती से पालन करना पड़ रहा है। हर सुबह उन्हें अपनी लोकेशन अपडेट करनी होती है, ताकि किसी भी समय बिना सूचना के डोप टेस्ट किया जा सके। वहीं किसी भी तरह के फूड कंटैमिनेशन से बचने के लिए खिलाड़ियों ने निजी शेफ रखा है और बाहर का खाना पूरी तरह छोड़ दिया है।
हालांकि, सेंटर में कुछ बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। अभ्यास के लिए इस्तेमाल होने वाली जूडो मैट काफी पुरानी हो चुकी हैं और उन्हें बदलने की जरूरत है। सेंटर प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में कई बार पंजाब खेल विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक नई मैट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित न हो, इसके लिए पंजाब जूडो एसोसिएशन ने जनरेटर और बड़े एयर कूलर की व्यवस्था की है।
पेरिस ओलंपियन तुलिका मान इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी। 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीता था, जबकि पेरिस ओलंपिक में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। तुलिका का कहना है कि उन्होंने अपनी पिछली गलतियों से सीख ली है और इस बार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने गुरदासपुर ट्रेनिंग सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि यहां रोजाना करीब 120 युवा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं, जिससे भविष्य में यह शहर देश के प्रमुख जूडो केंद्रों में शामिल हो सकता है।
भारतीय टीम को उम्मीद है कि गुरदासपुर में की गई कड़ी मेहनत ग्लासगो में पदकों के रूप में दिखाई देगी और खिलाड़ी देश का नाम रोशन करेंगे।



