पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित फर्जी वीडियो को लेकर बड़ा खुलासा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनका मास्क पहनाकर वीडियो शूट की गई है। उन्होंने इस संबंध में कई तस्वीरें और वीडियो भी मीडिया के सामने पेश किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह वीडियो कनाडा के एक होटल में बनाई गई थी, जबकि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। उन्होंने दावा किया कि कनाडा में रहने वाले जगमन समरा को उनका मास्क दिया गया था और उसी मास्क का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाई गई।
मान ने कहा कि वीडियो में मास्क साफ दिखाई देता है और उसमें उनकी गर्दन पर मौजूद सर्जरी का स्थायी निशान भी नहीं है। उन्होंने कहा कि चेहरे की बनावट, गर्दन, कान और त्वचा के रंग से भी साफ पता चलता है कि वीडियो में मास्क का इस्तेमाल किया गया है। आंखों को छिपाने के लिए काला चश्मा पहनाया गया था।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी धार्मिक और राजनीतिक छवि खराब करने के लिए यह पूरी साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि फर्जी वीडियो बनाने वालों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद सभी के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूरे मामले के सबूत श्री अकाल तख्त साहिब के सामने भी पेश किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश की गई, लेकिन पंजाब के लोग सच्चाई जानते हैं।

मान ने बताया कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। नए सबूत पुलिस को सौंपे जाएंगे और जरूरत पड़ने पर इंटरपोल की मदद से आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को पंजाब विधानसभा की समिति के सामने भी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में इस साजिश के मास्टरमाइंड और फंडिंग से जुड़े बड़े खुलासे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता सच्चाई समझती है और ऐसे दुष्प्रचार से गुमराह नहीं होगी।



