पंजाब की उपजाऊ धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं पनप सकते, यहां हमेशा प्रेम, भाईचारा और सद्भाव की परंपरा रही है—यह बात मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुओं ने शांति, एकता और सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्य दिए हैं, और पंजाबी हर धर्म के त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।
उन्होंने भगवान शिव को दया-करुणा का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सहानुभूति और सद्भाव को मजबूत करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सभी धर्मों को समान सम्मान देती है और धार्मिक आयोजनों को भव्य रूप से मनाया जा रहा है—जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के कार्यक्रम सफल रहे और गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की तैयारी जारी है।

‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, वाल्मीकि तीर्थ, आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी सहित कई स्थलों की मुफ्त यात्रा करवाई जा रही है, और इसका विस्तार हरिद्वार, खाटू श्याम, सालासर बालाजी सहित अन्य स्थलों तक किया जा रहा है।धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाले लगभग 25,000 वाहनों को मोटर वाहन कर से छूट दी गई है, जिससे लोगों को 20–25 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।
अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जाति-धर्म से ऊपर उठकर मिलजुलकर “रंगला पंजाब” के निर्माण, सामाजिक सद्भाव और नशा-मुक्त समाज के लिए काम करें। इस मौके पर मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा, मोहिंदर भगत और दीपक बाली सहित कई नेता मौजूद रहे।



