मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज पंजाब भवन में 48 नव-चयनित जिला सिस्टम मैनेजरों (डीएसएम) एवं सहायक सिस्टम मैनेजरों (एएसएम) को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर चयनित उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भर्ती से संबंधित सभी प्रक्रियाएं रिकॉर्ड समय में पूर्ण की गईं, जिससे चयन प्रक्रिया की दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
स. मुंडियां ने जानकारी दी कि पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स सोसायटी द्वारा 15 अप्रैल 2025 को जिला सिस्टम मैनेजर और सहायक सिस्टम मैनेजर के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के उपरांत 11 उम्मीदवारों का चयन जिला सिस्टम मैनेजर तथा 37 उम्मीदवारों का चयन सहायक सिस्टम मैनेजर पदों के लिए किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी चयनित उम्मीदवार जालंधर स्थित डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स कार्यालय में दो माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस प्रशिक्षण में एक माह का राजस्व संबंधी प्रशिक्षण तथा एक माह का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा, जिससे उन्हें तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक कौशल और क्षेत्रीय अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह भर्ती योग्य मानव संसाधन के माध्यम से जनसेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व की सराहना करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 66,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जिससे सरकारी भर्ती प्रणाली के प्रति युवाओं का विश्वास और मजबूत हुआ है।
कैबिनेट मंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, समर्पण और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेख प्रशासन के आधुनिकीकरण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को किसी भी प्रकार के दबाव या भ्रामक प्रभाव से दूर रहकर जनहित में कार्य करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के “रंगला पंजाब” विजन को साकार करने में प्रत्येक अधिकारी की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। किसी भी अधिकारी की पहचान उसके कार्य, व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा से होती है, इसलिए सभी को उच्च पेशेवर मानकों का पालन करते हुए जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव-सह-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका चयन पूर्णतः योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण पंजाब में भूमि एवं भूमि संबंधी सेवाओं का विशेष महत्व है, जिसके चलते डीएसएम और एएसएम की भूमिका अत्यंत अहम हो जाती है।

उन्होंने बताया कि राज्यभर के भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है तथा इन अभिलेखों के रखरखाव, अद्यतन और प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इन अधिकारियों के कंधों पर होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-नियुक्त अधिकारी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, समर्पण और ईमानदारी के बल पर प्रभावी जनसेवाएं प्रदान करेंगे तथा पंजाब की डिजिटल भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
समारोह में विशेष सचिव-सह-डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स श्री परमवीर सिंह सहित राजस्व विभाग, पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स सोसायटी तथा डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



