महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। मुंबई के मलाड वेस्ट में एक Blinkit डार्क स्टोर के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों में कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद विभाग ने स्टोर का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया।
वहीं बुलढाणा जिले में एक Reliance Retail आउटलेट से काजू कतली के 54 बॉक्स जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई एक ग्राहक की शिकायत के बाद की गई।
मलाड के Blinkit स्टोर में मिली कई खामियां
FDA अधिकारियों ने 7 अगस्त को मलाड वेस्ट के सर्वोदय भवन स्थित Blinkit स्टोर की जांच की। इस दौरान फल और सब्जियों के स्टोरेज क्षेत्र में कॉकरोच पाए गए। अधिकारियों ने इसे खाद्य पदार्थों के दूषित होने के संभावित खतरे से जोड़ा।
जांच के दौरान कोल्ड स्टोरेज में सफाई व्यवस्था भी खराब मिली। कुछ एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त पैकेजिंग वाले उत्पाद भी स्टोर में रखे हुए पाए गए। इसके अलावा खाद्य उत्पादों की रोटेशन और स्टोरेज से जुड़े FIFO और FEFO नियमों का भी सही तरीके से पालन नहीं हो रहा था।
FDA को कीड़े-मकौड़ों और चूहों की रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। कचरा प्रबंधन और खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग में भी कमियां सामने आईं।
अधिकारियों ने कर्मचारियों से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और हेल्थ रिपोर्ट की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए। फूड हैंडलर्स के पर्सनल हाइजीन और सुरक्षात्मक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर भी नियमों का पालन नहीं पाया गया।
इन सभी कमियों के आधार पर FDA ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32(3) के तहत स्टोर का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। लाइसेंस बहाल होने तक स्टोर खाद्य कारोबार, बिक्री और वितरण नहीं कर सकेगा।
काजू कतली में फफूंद और कीड़ों की शिकायत
दूसरी कार्रवाई बुलढाणा जिले के ARD Cinemall स्थित Reliance Retail आउटलेट में हुई। 8 अगस्त को एक ग्राहक ने शिकायत की थी कि यहां से खरीदी गई ‘लक्ष्मी नारायण’ ब्रांड की काजू कतली खराब थी और उसमें फफूंद के साथ जिंदा कीड़े पाए गए।
शिकायत के बाद FDA टीम ने आउटलेट का निरीक्षण किया और संबंधित मिठाई के नमूने लिए। कार्रवाई के दौरान काजू कतली के 54 बॉक्स जब्त किए गए। इनका कुल वजन करीब 11.34 किलोग्राम बताया गया है।
लैब रिपोर्ट का इंतजार
FDA ने जब्त मिठाई के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अब लैब रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों मामलों में FDA की कार्रवाई ने खाद्य कारोबारियों के लिए साफ संदेश दिया है कि खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, स्टोरेज और गुणवत्ता से जुड़े नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।



