पंजाब की उभरती हुई धाविका रशदीप कौर ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में एशियन गेम्स का क्वालिफाइंग मार्क हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है।
23 वर्षीय रशदीप ने 400 मीटर स्पर्धा को 53.61 सेकंड में पूरा किया, जो एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 53.72 सेकंड के क्वालिफाइंग मानक से बेहतर है। इससे पहले भी वह भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में अपनी जगह बना चुकी हैं और उनका यह प्रदर्शन उनके बढ़ते कद को दर्शाता है।
अब सभी की निगाहें भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के फैसले पर टिकी हैं, जो जल्द ही तय करेगा कि रशदीप एशियन गेम्स में व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में हिस्सा लेंगी या महिला रिले टीम का हिस्सा बनेंगी।
रशदीप की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और परिवार का अटूट सहयोग रहा है। संगरूर जिले के गंधुआं गांव के रहने वाले उनके पिता गुरलाल सिंह, जो एक छोटे किसान हैं, ने बेटी की प्रतिभा को बचपन में ही पहचान लिया था। जब रशदीप महज आठ साल की थीं और स्कूल प्रतियोगिता में दौड़ी थीं, तभी उनके पिता ने उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिलाने का फैसला किया।
गांव के लोगों की आलोचनाओं और चुनौतियों के बावजूद गुरलाल सिंह ने अपनी बेटी के सपनों का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी अन्य बेटियों सुखवीर और रंजीत कौर को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
रशदीप कौर पहले ही महिलाओं की 400 मीटर और रिले स्पर्धाओं के लिए भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में चयनित हो चुकी हैं। राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उनके हालिया प्रदर्शन ने एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में उनकी जगह की संभावनाओं को और अधिक मजबूत कर दिया है।



