Monday, November 9, 2026
HomeLatest Newsभाजपा शिरोमणि अकाली दल (बादल) से गठबंधन कर काले कानून वापस क्यों...
spot_img

भाजपा शिरोमणि अकाली दल (बादल) से गठबंधन कर काले कानून वापस क्यों लाना चाहती है? – हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 16 सितंबर

आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर पलटवार किया है। आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा से पंजाब में राजनीतिक मार्च निकालने से पहले तीन बेसिक सवालों के जवाब देने को कहा है: वह गुजरात और राजस्थान से जुड़े नशों की खेप को रोकने में नाकाम क्यों रही है, जब 55 किलोमीटर का इंटरनेशनल बॉर्डर स्ट्रिप बीएसएफ के अधीन आता है तो वह पंजाब को क्यों टारगेट कर रही है, और वह पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान की तरफ क्यों मोड़ना चाहती है? मंत्री ने कहा कि नशे के मुद्दे पर पंजाब को लेक्चर देने से पहले, भाजपा को अपने राज वाले राज्यों में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, केंद्र की जिम्मेदारी में बॉर्डर को सुरक्षित करना चाहिए और पंजाब के अधिकारों पर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए।

मंत्री ने भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम, एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती और पंजाब पुलिस द्वारा राज्य के बाहर तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह पंजाब में नशों के खिलाफ मार्च निकालने से पहले अपने राज्यों में नशा नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करे और सुरक्षा मजबूत करे।

आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू और खरड़ हलका इंचार्ज परमिंदर गोल्डी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “2007 से 2017 के बीच, जब पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार थी, तब राज्य में नशे की समस्या बड़े पैमाने पर थी।”

उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान, ‘चिट्टा’ शब्द सामने आया और नशा संकट से काफी हद तक जुड़ गया, और पूरे पंजाब में खुलेआम नशे बांटे जा रहे थे। सरकारी गाड़ियों का भी नशा तस्करी के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। जब नशा से जुड़े मामलों की जांच चल रही थी, तब जालंधर से एक ईडी ऑफिसर का ट्रांसफर कर दिया गया।”

पंजाब के इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा में भाजपा की केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पाकिस्तान बॉर्डर से लगी 55 किलोमीटर की पट्टी बीएसएफ के तहत आती है। इस इलाके में केंद्र की सीधी ज़िम्मेदारी होने के बावजूद, भाजपा नशों के मुद्दे पर पंजाब को निशाना बना रही है। दूसरी ओर, भगवंत सिंह मान सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है और ड्रोन द्वारा नशों की तस्करी को रोकने के लिए एंडी-ड्रोन सिस्टम शुरू करने सहितपंजाब पुलिस की समर्था को मजबूत किया है।

मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने नशा की समस्या से निपटने के लिए दोतरफा तरीका अपनाया है। उन्होंने कहा, “हम नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और नशों की गिरफ्त में आए लोगों का इलाज भी पक्का कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी नशा तस्कर या स्मगलर को बख्शा नहीं जाना चाहिए। गैर-कानूनी नशा के धंधे में शामिल हर किसी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “देश में बरामद नशों की बड़ी खेपों के तार अक्सर गुजरात और राजस्थान से जुड़े रहे हैं, जहां भाजपा की सरकारें हैं। अगर भाजपा की केंद्र सरकार नशों की बुराई को खत्म करने के लिए सीरियस है, तो उसे सबसे पहले भाजपा शासित राज्यों में नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करना चाहिए।”

गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “विपक्ष ‘लाशों पर राजनीति’ कर रहा है, और मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कमेंट नहीं करूंगा। परिवार का असली बयान पहले ही पब्लिक हो चुका है। लोगों ने इसे देखा है और वे इस मामले से जुड़े फैक्ट्स जानते हैं।”

spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments

spot_img