Monday, November 9, 2026
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हमारी सरकार से पहले केवल 22 फीसदी खेतों तक ही नहरी पानी की पहुंच थी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

श्री आनंदपुर साहिब, 15 सितंबर:

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं। गांव जिंदवड़ी में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है। उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है।

इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं। पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है। हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है। गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे। हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद।”

 

लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है। दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है। ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा। ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो।”

उन्होंने आगे कहा, “काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है। राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है। वह दिन गए, जब ये पार्टियां ‘उतर काटो मैं चढ़ूं’ का खेल खेलती थीं और सत्ता के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए। आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”

अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी। अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा। अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा।”

उन्होंने कहा, “अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा। लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “उन्होंने अपने सत्ता के दिनों के दौरान राज्य की दौलत को बेरहमी से लूटा और पंजाब के युवाओं को नशे की राह पर धकेला है।”

अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है। सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है।”

मुख्यमंत्री ने दावा किया, “मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं। पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।”

उन्होंने कहा, “लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है। पहले किसी भी शासक ने लोगों की मुश्किलों के बारे में विस्तारपूर्वक बातचीत करने और मिशनरी भावना से उन्हें हल करने के लिए इस तरह लोगों के बीच आकर काम नहीं किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “उन अहंकारी राजनेताओं ने लोगों से मिलने की बजाय हमेशा खुद को अपनी बड़ी कोठियों की ऊंची दीवारों तक सीमित रखा और अब वे राज्य सरकार के हर कदम से घबराए हुए हैं। इसके विपरीत मैं विकासोन्मुखी और नागरिक-केंद्रित नीतियां बनाने के लिए लोगों से फीडबैक लेने हेतु हमेशा फील्ड में रहा हूं, जिससे राज्य के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल राज्य के लोगों की भलाई के लिए कर रही है। राज्य के 90 फीसदी से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को भी आज दिन के समय बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।”

उन्होंने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार लोगों के लिए काम कर रही है और इसने घरों को मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के अलावा कई अन्य प्रमुख पहल की हैं, जिन्हें पुराने नेताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था।”

उन्होंने कहा, “युवाओं को नशे की बीमारी से दूर करने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। हमने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कोई भी मुफ्त की चीजें या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा ही एक ऐसी चाबी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इस कारण हमारी सरकार आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।”

उन्होंने कहा, “राज्यवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन की जा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरे पद संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र बढ़कर 80 फीसदी हो गया है, जिससे किसानों को बहुत लाभ हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए आम जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1,000 रुपये और एस.सी. महिलाओं के मामले में 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिल रहे हैं। ये फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसकी पात्र होंगी। पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग और अन्य उपस्थित थे।

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