Monday, November 9, 2026
HomeLatest Newsकेंद्र द्वारा कोयले में कटौती के बावजूद भगवंत मान सरकार ने बिना...
spot_img

केंद्र द्वारा कोयले में कटौती के बावजूद भगवंत मान सरकार ने बिना बिजली कटौती के दी रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति: तरुनप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़/लुधियाना, 14 सितंबर 2026:

 

पंजाब ने बिना किसी बिजली कटौती के अब तक की अपनी सर्वाधिक 17,423 मेगावाट बिजली मांग पूरी की है। इसके साथ ही आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि यह उपलब्धि इस वर्ष बिजली की मांग में हुए भारी उछाल के बीच हासिल की गई है और यह राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता तथा मांग को पूरा करने की तैयारियों को दर्शाती है।

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “कल 13 सितंबर सुबह 7 बजे से अब तक पंजाब में बिजली की कमी के कारण कोई भी बिजली कट नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही चार प्रमुख क्षेत्रों—आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि—को लगातार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।”

धान के मौजूदा सीजन के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और हमारे किसान हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं तथा आगे भी रहेंगे। धान के सीजन के दौरान हाल ही में दो निजी थर्मल प्लांटों में तकनीकी खराबी आ गई थी। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की पूरी इन-हाउस टीम ने दिन-रात मेहनत करके इन प्लांटों को दोबारा चालू किया।”

पहले हुए बिजली व्यवधान की भरपाई के लिए लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए हैं कि 2 से 3 घंटे की बिजली कटौती की भरपाई के लिए पंजाब सरकार कल से किसानों को दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का महत्व इस वर्ष बिजली की मांग में हुए भारी इजाफे से स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, “पिछले वर्षों में सितंबर महीने के दौरान बिजली की मांग लगभग 13,100 मेगावाट रहती थी, लेकिन इस वर्ष यह मांग बढ़कर 16,600 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसका अर्थ है कि बिजली की मांग में लगभग 3,500 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हुई। इस अतिरिक्त मांग के बावजूद पीएसपीसीएल ने इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया, जो पंजाब सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने पीएसपीसीएल की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने आम लोगों की बिजली संबंधी शिकायतों का भी सफलतापूर्वक समाधान किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान उन्हें उद्योगपतियों और किसान संगठनों की ओर से व्यक्तिगत रूप से फोन भी आए।

हालिया बिजली संकट के कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया था कि यह संकट कुछ हद तक केंद्र सरकार द्वारा कोयले की आपूर्ति में कटौती और कुछ हद तक केंद्र द्वारा पंजाब के हिस्से की लगभग 1,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध न करवाने के कारण पैदा हुआ था।”

उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे काम करने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने लगातार काम करते हुए थर्मल प्लांटों में आई तकनीकी खराबियों को दूर किया और उन्हें दोबारा चालू किया।

मंत्री ने उस निजी बिजली संयंत्र के संबंध में भी जानकारी साझा की, जिससे पंजाब बिजली खरीदता है। उन्होंने कहा, “एक निजी पावर प्लांट, जिससे राज्य बिजली खरीदता है, से भी अच्छी खबर मिली है। इसकी एक यूनिट चालू हो गई है और इससे 100 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है।”

राज्य के उद्योगपतियों और किसानों को बधाई देते हुए बिजली मंत्री ने कहा, “गंभीर संकट का समय गुजर चुका है।”

गुरु अमरदास थर्मल प्लांट खरीदने के फैसले को बताया महत्वपूर्ण

गुरु अमरदास थर्मल प्लांट को खरीदने के पंजाब सरकार के फैसले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि पंजाब के पास 10 सरकारी थर्मल यूनिट हैं, जिनमें से गुरु अमरदास थर्मल प्लांट को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने खरीदा था।

उन्होंने कहा, “यदि सरकार ने यह थर्मल प्लांट नहीं खरीदा होता तो आज पंजाब में बिजली की स्थिति बेहद गंभीर होती।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है और इस सीजन में 17,000 मेगावाट से अधिक की भारी बिजली मांग को पूरा किया गया है।

पंजाब द्वारा अब तक की रिकॉर्ड 17,423 मेगावाट मांग पूरी किए जाने का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही बिजली राहत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य के लोग बहुत खुश हैं क्योंकि 90 प्रतिशत लोगों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं।”

इस अवसर पर विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा और विधायक राजिंदरपाल कौर छीना भी उपस्थित थे।

14 प्रतिशत वृद्धि के साथ पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर

आधिकारिक मासिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब की पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग अप्रैल 2026 में 12,025 मेगावाट से बढ़कर जुलाई 2026 में 17,277 मेगावाट हो गई। वहीं सितंबर में 13 सितंबर तक अधिकतम मांग 16,598 मेगावाट तक पहुंच चुकी थी, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 13,127 मेगावाट थी। इस प्रकार इसमें लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

अप्रैल से सितंबर के दौरान दर्ज किया गया 17,423 मेगावाट का नया शिखर पिछले 17,277 मेगावाट के शिखर से 146 मेगावाट अधिक है।

आंकड़े राज्य में कुल बिजली खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाते हैं। अप्रैल से 13 सितंबर तक पंजाब में बिजली की खपत 46,696 मिलियन यूनिट (एमयू) दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 41,072 एमयू थी। इस प्रकार बिजली खपत में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

जुलाई में बिजली की खपत 15 प्रतिशत बढ़कर 9,362 एमयू से 10,765 एमयू हो गई, जबकि अगस्त में खपत 25 प्रतिशत बढ़कर 8,265 एमयू से 10,340 एमयू हो गई।

सितंबर में 13 सितंबर तक बिजली की खपत 4,237 एमयू रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,478 एमयू थी। इस प्रकार सितंबर की अब तक की बिजली खपत में 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments

spot_img