Monday, November 9, 2026
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हमने पंजाब में औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने पर व्यापक चर्चा की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 9 सितंबर:

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने, ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के माध्यम से बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए युवाओं को कुशल बनाने हेतु कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सी.आई.आई.) के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।

सी.आई.आई. के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने मालवा क्षेत्र, विशेषकर संगरूर और बरनाला में शुरू की गई पहलों के साथ-साथ लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तथा जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला से युक्त सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल्स स्थापित करने सहित नई कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी आधारित पहलों पर भी विचार-विमर्श किया।

 

बैठक के संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, “आज चंडीगढ़ में मेरी सी.आई.आई. उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के दौरान हमने पंजाब में औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के संबंध में व्यापक चर्चा की। हमारी सरकार पंजाब को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने और कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। हम पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

सी.आई.आई. के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब सरकार और सी.आई.आई. का मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। हमारा ध्यान स्थिरता, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर होना चाहिए। इससे एक ओर किसानों को लाभ मिलेगा और दूसरी ओर पंजाब को स्वच्छ, हराभरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।”

मुख्यमंत्री ने सी.आई.आई. को मालवा क्षेत्र, विशेष रूप से संगरूर और बरनाला, जहां धान की परमल किस्म की खेती होती है, के साथ-साथ पंजाब के अन्य हिस्सों में भी फसली अवशेषों के निपटारे के प्रयासों को तेज करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “पंजाब फसली अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ और प्रौद्योगिकी आधारित समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि किसानों को व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाए जा सकें तथा प्रदेश स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सके।”

मुख्यमंत्री ने सी.आई.आई. एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान ‘वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर’ के भारत दौरे को सुचारू बनाने के लिए सी.आई.आई. को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, “कृषि और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से पंजाब को ऐसे दौरों से बहुत लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने और प्रदेश के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान तथा प्रौद्योगिकी सहयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कारोबार करने में सुगमता और जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रमुख केंद्रों पर औद्योगिक एवं शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने, लागत कम करने और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए आधुनिक एवं सुनियोजित बुनियादी ढांचा बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।”


भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एम.एस.टी.आई.) स्थापित करने के लिए सी.आई.आई. को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि ऐसी पहल समय की प्रमुख जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थानीय उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पंजाब में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा और साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देना पंजाब के आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सी.आई.आई. को जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के साथ पंजाब में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल’ स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध करवाने और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को और गति देने के लिए रक्षा विनिर्माण उद्योगों हेतु विशेष कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान कृषि, फसली अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार-उद्योग सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक का साझा उद्देश्य टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना और पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करना था।

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