Sunday, November 8, 2026
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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से प्रदेश के हर ज़िले के परिवारों को मिला लाभ; 2.91 लाख मरीज़ों को ₹1,044 करोड़ से अधिक मूल्य का कैशलेस उपचार मिला

चंडीगढ़; 05 अगस्त, 2026

 

किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।

इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”

सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”

इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।

बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।

योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।

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