Sunday, November 8, 2026
HomeLatest Newsभगवंत मान सरकार ने 'उड़ता पंजाब' को 'पढ़ता पंजाब' में बदल दिया:...
spot_img

भगवंत मान सरकार ने ‘उड़ता पंजाब’ को ‘पढ़ता पंजाब’ में बदल दिया: हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़, 31 जुलाई,2026

पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि पंजाब पुलिस ने भिवानी के एक मास्टरमाइंड द्वारा संचालित हरियाणा आधारित अंतरराज्यीय नकल सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने कथित तौर पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट की फार्मेसी भर्ती परीक्षा में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर नकल करवाई थी। इस कार्रवाई से हरियाणा के संगठित नकल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है तथा पंजाब पर लगाए जा रहे पेपर लीक के आरोप पूरी तरह निराधार सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस रैकेट को वर्षों तक पनपने दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवंत मान सरकार किसी भी कीमत पर पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम नहीं होने देगी और राज्य सरकार ने “उड़ता पंजाब” को “पढ़ता पंजाब” में बदल दिया है।

आज यहां पेडा कॉम्प्लेक्स में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित है, जबकि हरियाणा वर्षों से वहां सक्रिय नकल गिरोहों पर अंकुश लगाने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में राजनीतिक एजेंडा तय करने में व्यस्त हैं, लेकिन अपने राज्य के विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए उनके पास समय नहीं है।”

उन्होंने कहा, “हरियाणा पुलिस नकल सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रही। बीएफयूएचएस फरीदकोट के फार्मेसी नकल मामले को पंजाब पुलिस ने सुलझाया, जिसकी कड़ियां भिवानी के मास्टरमाइंड से जुड़ी मिलीं। इसके बावजूद पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।”

स हरजोत सिंह बैंस ने आरोप लगाया कि, “हरियाणा का भिवानी केवल एक शहर नहीं, बल्कि नकल का गढ़ बन चुका है। इस नेटवर्क ने हरियाणा के हजारों युवाओं के सपनों को कुचल दिया, जो नौकरियां, दाखिले और प्लेसमेंट हासिल कर सकते थे। अपने राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के बाद यह गिरोह अपना कारोबार बढ़ाने के लिए पंजाब पहुंचा। यही सैनी सरकार का मॉडल है—पहले अपने राज्य को नुकसान पहुंचाओ, फिर दूसरों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करो।”

शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह गिरोह हरियाणा से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन भरवाता था और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करवाता था। उन्होंने कहा कि आरोपी नेटवर्क चलाने के लिए माइक्रो-चिप युक्त संशोधित के-33 (केचौडा) मोबाइल फोन, छिपे हुए संचार उपकरणों तथा अन्य उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा, “इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हरियाणा के भिवानी का निवासी है। यह गिरोह वर्षों से हरियाणा में ऐसी गतिविधियां चला रहा था। जब वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसने अपना नेटवर्क पंजाब तक फैलाने की कोशिश की।”

पंजाब की शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य लगातार देश के कई प्रमुख शिक्षा केंद्रों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा, “हरियाणा दावा करता है कि गुरुग्राम उसका सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक जिला है, लेकिन पंजाब का सबसे कम प्रदर्शन करने वाला जिला पटियाला भी गुरुग्राम से बेहतर प्रदर्शन करता है। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। वे राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि हम शिक्षा नीति और सुधारों पर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षा सुधारों के परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में 361 विद्यार्थियों ने जेईई (मेन) तथा 64 विद्यार्थियों ने जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा उत्तीर्ण की। इसी प्रकार, नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2024 में 437 से बढ़कर वर्ष 2026 में 882 हो गई है। यह मात्र दो वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में 80 से भी कम विद्यार्थियों ने यह उपलब्धि हासिल की थी, जबकि आज यह संख्या 882 तक पहुंच गई है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की तकनीकों में निवेश कर रहा है। हरियाणा क्या कर रहा है? कुछ भी नहीं, क्योंकि वहां के मुख्यमंत्री केवल फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।”

प्रेस वार्ता के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यदि कोई व्यक्ति मुझे व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाता है तो मुझे उसकी परवाह नहीं है। मैं एक सामान्य व्यक्ति हूं। लेकिन मैं अपने पंजाब, अपने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान या अपने विद्यार्थियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुनूंगा। पिछले चार वर्षों से अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस हमारे खिलाफ झूठ फैलाते रहे हैं, लेकिन आज पूरा देश सच्चाई जान चुका है।”

हरियाणा सरकार को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “पेपर लीक और नकल कराने वालों को संरक्षण देना बंद करें। पहले अपने राज्य की व्यवस्था को सुधारें। पंजाब सरकार ने नकल के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इस रैकेट में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पंजाब को बदनाम करने की कोशिशें बंद की जाएं।”

शिक्षा को अपने जीवन का मिशन बताते हुए मंत्री ने कहा, “शिक्षा केवल मेरा विभाग नहीं, बल्कि मेरा जुनून है। मैं हर पंजाबी विद्यार्थी के भविष्य की रक्षा करूंगा, चाहे हमारे खिलाफ कितनी भी साजिशें क्यों न रची जाएं।”

पंजाब पुलिस ने अत्याधुनिक अंतरराज्यीय नकल गिरोह का किया भंडाफोड़: आईजीपी नीलांबरी जगदले

आईजीपी जगदले ने बताया कि गिरोह का कार्य करने का तरीका अत्यंत सुनियोजित और चौंकाने वाला था। भिवानी निवासी एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होते ही एक गुप्त कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन किया और उसकी तस्वीरें भिवानी के ही हैंडलर साजन को भेज दीं। साजन ने प्रश्नपत्र हल कर उत्तर कंट्रोल रूम भेजे, जहां मौजूद हैंडलर दीपक और मनजीत परीक्षा केंद्र के भीतर मौजूद अभ्यर्थियों को वायरलेस उपकरणों के माध्यम से उत्तर बोलकर लिखवा रहे थे। इससे पहले कि गिरोह अपनी योजना को पूरी तरह अंजाम दे पाता, पुलिस टीमों ने छापा मारकर कंट्रोल रूम से छह हैंडलरों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने जानकारी दी कि इस रैकेट में अब तक 13 हैंडलरों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से आठ हरियाणा और राजस्थान के तथा पांच पंजाब के रहने वाले हैं।

आईजीपी ने बताया, “19 जुलाई की सुबह हमें विशेष खुफिया सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह फरीदकोट में बीएफयूएचएस की फार्मेसी प्रवेश परीक्षा के दौरान उन्नत वायरलेस और ब्लूटूथ उपकरणों की सहायता से नकल करवाने की तैयारी कर रहा है। जांच के दौरान मुखबिरों ने उनका ठिकाना सोसायटी नगर, फरीदकोट स्थित गुरमीत सिंह के घर में चिन्हित किया।”

पुलिस ने वहां छापेमारी की तो पाया कि घर में पूरी तरह सक्रिय एक अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया था, जिसमें वायरलेस ट्रांसमीटर, संशोधित मोबाइल फोन तथा प्रश्नों के उत्तर बताने के लिए तैयार बैठे हैंडलरों की पूरी टीम मौजूद थी।

आईजीपी जगदले ने बताया कि गिरोह का कार्य करने का तरीका अत्यंत सुनियोजित और चौंकाने वाला था। भिवानी निवासी एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होते ही एक गुप्त कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन किया और उसकी तस्वीरें भिवानी के ही हैंडलर साजन को भेज दीं। साजन ने प्रश्नपत्र हल कर उत्तर कंट्रोल रूम भेजे, जहां मौजूद हैंडलर दीपक और मनजीत परीक्षा केंद्र के भीतर मौजूद अभ्यर्थियों को वायरलेस उपकरणों के माध्यम से उत्तर बोलकर लिखवा रहे थे। इससे पहले कि गिरोह अपनी योजना को पूरी तरह अंजाम दे पाता, पुलिस टीमों ने छापा मारकर कंट्रोल रूम से छह हैंडलरों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 200 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। सभी परीक्षा अधीक्षकों, नियंत्रकों और निरीक्षकों को तत्काल सतर्क कर दिया गया, जिसके बाद अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 38 संशोधित ‘केचौडा’ मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें 25 अभ्यर्थियों और 13 हैंडलरों के पास से मिले। इसके अलावा 21 छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस तथा इस अपराध में इस्तेमाल किए गए दो वाहन भी जब्त किए गए।

आईजीपी ने बताया कि ‘केचौडा के-33’ मोबाइल फोन दिल्ली के एक विक्रेता से खरीदे गए थे और यूट्यूब पर उपलब्ध ट्यूटोरियल की सहायता से उन्हें संशोधित किया गया था। इन फोन से स्क्रीन, माइक्रोफोन और स्पीकर जैसे अनावश्यक हिस्से हटाकर उनमें आरएफ फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे छिपे हुए ईयरपीस इतने छोटे थे कि वे कान की नली के काफी अंदर तक फिट हो जाते थे और सामान्य शारीरिक जांच के दौरान भी दिखाई नहीं देते थे।

आईजीपी नीलांबरी जगदले ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, अधिकारी या पर्यवेक्षक की संलिप्तता सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा, “यह न तो पेपर लीक का मामला है और न ही किसी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी अथवा परीक्षा केंद्र के स्टाफ की कोई मिलीभगत सामने आई है। हमारी जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा नकल गिरोह बाहरी लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था और अभ्यर्थियों के माध्यम से काम कर रहा था।”

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से गिरोह को बड़ा झटका जरूर लगा है, लेकिन अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। तीन हैंडलर और चार अभ्यर्थी अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीमें हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के विभिन्न शहरों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने कहा, “जब तक इस साजिश में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के शिकंजे में नहीं लाया जाता, तब तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।”

आईजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस अपराध, भ्रष्टाचार और परीक्षा में अपनाए जाने वाले अनुचित साधनों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments

spot_img