चंडीगढ़: पंजाब पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अगुवाई में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब पांच घंटे चली इस बैठक में गैंगस्टर नेटवर्क, सीमा पार से होने वाली ड्रग्स और हथियारों की तस्करी तथा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा प्रायोजित आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार की गई।
बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के बीच इंटेलिजेंस और डेटा साझा करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और विदेशों में छिपे फरार अपराधियों को जल्द भारत लाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना था कि गैंगस्टर और संगठित अपराधी कई राज्यों में सक्रिय हैं, इसलिए उनके खिलाफ समन्वित अभियान चलाना बेहद जरूरी है।
बैठक में यह भी सामने आया कि पंजाब को सीमा पार अपराधों का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की खेप भेजे जाने की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं। वहीं राजस्थान सीमा पर आबादी कम होने के कारण ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क में शामिल करने की साजिशों पर भी चिंता जताई। ISI समर्थित नेटवर्क, बब्बर खालसा और अन्य संगठनों से जुड़े तत्वों द्वारा युवाओं को पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिशों पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही UPI, हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चल रहे रंगदारी और फंडिंग नेटवर्क पर भी शिकंजा कसने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, NIA के महानिदेशक राकेश अग्रवाल समेत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त कार्रवाई से गैंगस्टर, ड्रग्स तस्करी और आतंकवाद के नेटवर्क पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाएगी।



