शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में हालात गंभीर कर दिए हैं। कुल्लू जिले की गढ़सा घाटी में बादल फटने के बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पंडोह डैम से करीब 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि बारिश जारी रहने के कारण नदी का जलस्तर अचानक और बढ़ सकता है।
बारिश के साथ आई भारी मात्रा में सिल्ट की वजह से बग्गी सुरंग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इसके चलते डैहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन भी फिलहाल रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरंग से सिल्ट हटने के बाद ही इसे दोबारा चालू किया जाएगा।
बीबीएमबी के अधिकारियों के अनुसार, पंडोह डैम के सभी पांचों गेट खुले हुए हैं। डैम में आने वाले पानी के बराबर ही नियंत्रित मात्रा में पानी आगे छोड़ा जा रहा है, ताकि जलस्तर सुरक्षित बना रहे। विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बीबीएमबी और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी, नालों और अन्य जलधाराओं के किनारे जाने से बचें। साथ ही पर्यटकों को भी नदी किनारे फोटो और वीडियो बनाने के लिए जोखिम न उठाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।



