Sunday, November 8, 2026
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महिला आरक्षण कानून लागू, PM मोदी ने नारी शक्ति को बताया देश की ताकत

 देश में महिलाओं को राजनीति में ज्यादा भागीदारी देने के उद्देश्य से बनाया गया महिला आरक्षण कानून अब लागू हो गया है।

केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की नारी शक्ति ही एक मजबूत और विकसित देश की पहचान है।
पीएम मोदी ने नारी शक्ति को सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि देश की माताएं, बहनें और बेटियां अपनी मेहनत, समर्पण और सेवा भावना से हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में संस्कृत के श्लोक भी लिखे, जिनमें नारी शक्ति की महिमा का वर्णन किया गया।
क्या है महिला आरक्षण कानून
यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पास हुआ था, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से जाना जाता है। इसके तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इस फैसले को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
तुरंत नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद महिलाओं को इसका फायदा तुरंत नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि इस आरक्षण को जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। सरकार के मुताबिक, 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन किया जाएगा। इसके बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जा सकेगा। ऐसे में संभावना है कि यह व्यवस्था 2029 के आम चुनाव से लागू हो पाएगी।
संसद में चल रही है आगे की तैयारी
इस कानून से जुड़े कुछ अहम प्रस्तावों पर संसद में अभी भी चर्चा जारी है। इनमें लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में भरोसा दिलाया है कि परिसीमन के दौरान किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे अपनी ‘गारंटी’ बताते हुए कहा कि यह महिलाओं का अधिकार है।
गृह मंत्री ने भी दिया भरोसा
गृह मंत्री अमित शाह ने भी साफ कहा है कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी। इन राज्यों की सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। उदाहरण के तौर पर दक्षिण भारत की कुल सीटें 129 से बढ़कर लगभग 195 हो सकती हैं। वहीं तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर करीब 59 होने का अनुमान है।
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