Sunday, November 8, 2026
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Jalandhar के उद्योगपति कतर में फंसे: ईरान-इजरायल संघर्ष से उड़ानें प्रभावित, 3000 करोड़ रुपये के हैंडटूल कारोबार पर संकट

जालंधर के हैंडटूल इंडस्ट्री के उद्योगपति ईरान-इजरायल युद्ध के चलते दोहा (कतर) में फंस गए हैं।

जालंधर पंजाब में हैंडटूल और नट बोल्ट बनाने वाली MSME का गढ़ है। दोहा में फंसे फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के मेंबर अश्वनी शर्मा ने बताया कि भारत का मिडिल ईस्ट के साथ 3 हजार करोड़ का व्यापार है।
अश्विनी शर्मा ने बताया कि उनके भतीजे हैंडटूल इंडस्ट्री के प्रदर्शनी (एग्जीबिशन) के लिए जर्मनी जा रहे थे। जालंधर के कई उद्योगपति जर्मनी में हर साल होने वाली प्रदर्शनी में भाग लेने जाते हैं, लेकिन इस बीच युद्ध के चलते वे रास्ते में ही फंस चुके हैं। अभी 4 दिन से दोहा में रुके हैं, कुछ लोग दुबई में फंसे हैं।
अश्वनी शर्मा ने बयाता कि ये प्रदर्शनी हैंडटूल इंडस्ट्री के लिए संजीवनी का काम करती है। यहीं पर दुनिया भर के व्यापारी एक दूसरे के साथ नए सौदे करते हैं। प्रदर्शनी में यूएसए, चाइना, यूरोप, मिडिल ईस्ट से इंडस्ट्रियलिस्ट आते है।
मिडिल ईस्ट का हवाई रास्ता युद्ध के कारण बंद हो गया है। फ्लाइट कैंसिल चल रही हैं जिसके चले दुनियाभर का व्यापार प्रभावित हो रहा है। युद्ध न रुका तो हैंडटूल इंडस्ट्री 2 साल तक उभर नहीं पाएगी।
50 साल से जा रहे थे जर्मनी में होने वाली एग्जिबिशन में फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के मेंबर अश्वनी शर्मा ने बताया कि जर्मनी में हर साल मार्च के पहले सप्ताह में हैंडटूल एग्जीविशन लगती है। वह लगभग पिछले 50 साल से इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इस बार भी उनके कुछ रिश्तेदार और कुछ उद्योगपति साथी भाग लेने केलिए जा रहे थे, लेकिन युद्ध के कारण वह पिछले 4 दिन से दोहा में फंस गए हैं।
केंद्र और पंजाब सरकार निकालने की कोशिश कर रही अशवनी शर्मा ने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार से बात हुई है। उनको यहां से निकलने की कोशिश कर की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश से हर साल हैंडटूल इंडस्ट्री का लगभग 3000 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट है। अगर युद्ध समुद्री रास्ते पर असर डालेंगा तो इंडस्ट्री 2 साल तक नहीं उभर पाएगी। इस युद्ध से उनका करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाएगा।
अश्वनी शर्मा ने बताया कि हैंडटूल इंडस्ट्री का 3 हजार करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट है।
एग्जीबिशन पर ही टिका है हैंडटूल इंडस्ट्री का फ्यूचर अश्वनी शर्मा ने बताया कि जर्मनी में होने वाली हैंडटूल एग्जीविशन पर ही जालंधर सहित देशभर की हैंडटूल इंडस्ट्री का फ्यूचर टिका हुआ है। एग्जीविशन में यूएसए, चाइना, यूरोप, मिडिल ईस्ट से व्यापारी आते हैं। मिडिल ईस्ट का रास्ता युद्ध के कारण बंद हो गया है।
यहां सैकड़ो इंडस्ट्रियलिस्ट नए इनोवेशन लेकर आते हैं। हर साल एक से दो प्रोडक्ट नई इनोवेशनस के साथ आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर तेल के दामों में बढ़ौतरी होती है तो इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ेगा। अश्वनी ने कहा कि उनके कई मेंबर दुबई में भी फंसे हुए हैं। ऐसे में इंडस्ट्री पर भी युद्ध को लेकर संकट के बादल छा गए हैं और कारोबारियों में चिंता बढ़नी शुरू हो गई है।

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