Sunday, November 8, 2026
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क्रिसमस पर सजे दिल्ली के कैथेड्रल चर्च की खासियत और इतिहास, जहां PM मोदी ने पहुंचकर की प्रार्थना

क्रिसमस के खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के सबसे पुराने और भव्य चर्चों में से एक, कैथेड्रल चर्च पहुंचे.

पूरी दुनिया के साथ भारत में भी आज क्रिसमस का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इसी अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक कैथेड्रल चर्च पहुंचे, जहां उन्होंने प्रार्थना सभा में भाग लिया और देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं. पीएम की इस यात्रा ने न केवल धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया, बल्कि राजधानी दिल्ली के इस ऐतिहासिक चर्च को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया. आइए दिल्ली की सबसे पुरानी चर्चों में शामिल कैथेड्रल चर्च के बारे में जान लेते हैं, जिसकी क्रिसमस के खास मौके पर हुई विशेष प्रार्थना सभा में पीएम मोदी शामिल हुए.

दिल्ली का सबसे बड़ा और भव्य चर्च

राष्ट्रपति भवन के बेहद करीब स्थित कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन न केवल दिल्ली के सबसे पुराने चर्चों में से एक है, बल्कि इसे राजधानी का सबसे बड़ा चर्च भी माना जाता है. इसकी विशाल इमारत, ऊंचे गुंबद और सुंदर कांच इसे विशेष पहचान देते हैं. क्रिसमस के अवसर पर यहां विशेष सजावट की जाती है, इसकी विशाल संरचना और शांत वातावरण इसे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है.

कैथेड्रल चर्च का गौरवशाली इतिहास

दिल्ली के मुख्य कैथेड्रल चर्च को वायसराय चर्च भी कहते हैं. इसका निर्माण 1927 में शुरू हुआ और 1935 में बनकर तैयार हुआ, जबकि इसे आम जनता के लिए 18 जनवरी 1931 को खोला गया. इसे रोमन कैथोलिक समुदाय का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है. ब्रिटिश काल में बने इस चर्च की वास्तुकला यूरोपीय शैली से प्रभावित है, जिसमें ऊंचे मेहराब, विशाल प्रार्थना हॉल और सुंदर वेदी देखने को मिलती है. ब्रिटिश काल के दौरान, भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन इस चर्च में नियमित रूप से प्रार्थना करने आया करते थे. चर्च के अंदर आज भी उस दौर की कई ऐतिहासिक यादें संजोई हुई हैं.

कैथेड्रल चर्च की शानदार वास्तुकला

डिजाइन: इस चर्च का डिजाइन प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार हेनरी मेडल ने तैयार किया था.
लुटियंस दिल्ली की झलक: इसे एडवर्ड लुटियंस की दिल्ली के मास्टर प्लान के हिस्से के रूप में बनाया गया था.
इतालवी शैली: चर्च की वास्तुकला में इतालवी प्रभाव साफ नजर आता है. इसकी छतें और मेहराब इस तरह बनाए गए हैं कि गर्मियों में भी यहां का तापमान बाहर के मुकाबले काफी कम रहता है.
प्रकाश व्यवस्था: इसकी खिड़कियों को इस तरह तराशा गया है कि दिन के समय प्राकृतिक रोशनी चर्च के अंदरूनी हिस्से को जगमगा देती है.
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