Sunday, November 8, 2026
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Operation Sindoor की सफलता के बाद ARMY चीफ और CDS ने सीमावर्ती क्षेत्रों का किया दौरा

 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद आज पहली बार भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद आज पहली बार भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था, बल्कि सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा भी करना था। उन्होंने कोणार्क कॉर्प्स के अग्रिम मोर्चे जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट का दौरा किया, जो रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
जवानों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला 
दरअसल, लोंगेवाला में आर्मी चीफ ने उन वीर जवानों से मुलाकात की जिन्होंने हाल ही में पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद फैलाने की साजिशों को नाकाम किया। जनरल द्विवेदी ने जवानों की तैयारियों की समीक्षा की, उन्हें बधाई दी, और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर देशभक्ति का जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि सेना हमेशा किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोंगेवाला पोस्ट का ऐतिहासिक महत्व
लोंगेवाला पोस्ट, जैसलमेर ज़िले में स्थित है और यह भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। यह वही स्थान है जहां 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान 4 से 7 दिसंबर के बीच भीषण लड़ाई हुई थी। इस युद्ध में केवल 120 भारतीय जवानों ने बहादुरी से 3,000 पाकिस्तानी सैनिकों और 46 टैंकों के हमले का डटकर मुकाबला किया था। इस युद्ध में भारत को जीत मिली और यही लड़ाई हिंदी फिल्म “बॉर्डर” का आधार बनी थी।
CDS जनरल अनिल चौहान ने भी किया दौरा
थल सेना प्रमुख के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सूरतगढ़ सैन्य स्टेशन और नलिया वायुसेना स्टेशन का दौरा किया। इन दोनों ठिकानों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों द्वारा दिखाए गए साहस की सराहना की और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सतर्क और तैयार रहने को कहा।
आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक रणनीति
ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद सेना प्रमुखों के दौरों से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब आतंक के खिलाफ “नो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। चाहे सीमा पार के आतंकी ठिकानों को नष्ट करना हो या अग्रिम मोर्चों की तैयारियां, भारत अब हर मोर्चे पर पूरी तरह सजग और सक्रिय है।
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