ओडिशा के जाने-माने पार्श्व गायक प्रणब पटनायक का शुक्रवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे पटनायक का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से ओडिशा के संगीत और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रणब पटनायक ने अपने पांच दशक से अधिक लंबे करियर में उड़िया संगीत और सिनेमा को कई यादगार गीत दिए। उन्होंने वर्ष 1958 में उड़िया फिल्म ‘मां’ से पार्श्व गायन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी सुरीली और अलग पहचान वाली आवाज के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
200 से ज्यादा फिल्मों में दी आवाज
अपने लंबे संगीत सफर के दौरान प्रणब पटनायक ने 200 से अधिक उड़िया फिल्मों के लिए पार्श्व गायन किया। ‘माझी रे’, ‘मुं केउं सहारे’ और ‘तुम गांव महुमाछी’ जैसे गीत उनकी लोकप्रिय प्रस्तुतियों में शामिल रहे।
संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए सात बार ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार मिला। इसके अलावा उन्हें जयदेव पुरस्कार और ओडिशा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
मुख्यमंत्री समेत कई हस्तियों ने जताया दुख
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रणब पटनायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पटनायक की आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और उड़िया संगीत तथा संस्कृति में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक समेत कई नेताओं, कलाकारों और संगीत जगत से जुड़ी हस्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके निधन को ओडिशा की कला और सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।



