Sunday, November 8, 2026
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युद्ध के असर से अमेरिका-कनाडा-चीन समेत 80+ देशों में तेल महंगा, भारत में स्थिरता

दुनिया भर के लोग ईरान और अमेरिका-इजराइल की जंग का असर महसूस कर रहे हैं.

भारत भी इससे अछूता नहीं है. यहां पर गैस को लेकर संकट खड़ा गया है. हालांकि राहत की बात है कि तेल को लेकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है. 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद से 80 से ज्यादा देशों में तेल के दाम बढ़े हैं, लेकिन हिंदुस्तान में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है.
युद्ध शुरू होने के बाद से फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के रिटेल फ्यूल प्राइस ट्रैकर AAA फ्यूल प्राइसेस के डेटा के अनुसार, अमेरिका में फरवरी में एक गैलन रेगुलर पेट्रोल की कीमत औसतन $2.94 थी, जो अब $3.58 हो गई है. हालांकि अमेरिका का हर राज्य पेट्रोल के दाम खुद तय करता है, लेकिन कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत $4 प्रति गैलन से ज्यादा हो गई है, जिसमें कैलिफ़ोर्निया में यह $5 प्रति गैलन से ज़्यादा है, जो दो साल से ज़्यादा समय में सबसे ज़्यादा है.

85 देशों ने बढ़ाए दाम

ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेस के अनुसार 28 फरवरी को ईरान पर US और इजराइल के हमलों के बाद कम से कम 85 देशों ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की. ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेस लगभग 150 देशों में रिटेल एनर्जी की कीमतों को ट्रैक और पब्लिश करने वाला एक डेटा प्लेटफॉर्म है. कुछ देश हर महीने के आखिर में ही कीमतों में बदलाव की घोषणा करते हैं, इसलिए अप्रैल में कई अन्य देशों में कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है.

वियतनाम में सबसे ज्यादा बढ़े दाम

वियतनाम में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज़्यादा लगभग 50 परसेंट की बढ़ोतरी हुई. 23 फरवरी को 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत $0.75 प्रति लीटर से बढ़कर 9 मार्च को $1.13 हो गई. इसके बाद लाओस में 33 परसेंट, फिर कंबोडिया में 19 परसेंट, ऑस्ट्रेलिया में 18 परसेंट और US में 17 परसेंट की बढ़ोतरी हुई.
एशियाई देश तेल और गैस की सप्लाई के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से ही सप्लाई बंद है. 8 मार्च को जापान ने अपने ऑयल रिजर्व साइट्स को स्ट्रेटेजिक रिजर्व के संभावित रिलीज के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया. अगले दिन साउथ कोरिया ने 30 साल में पहली बार पेट्रोल और डीज़ल पर मैक्सिमम प्राइस कैप लगा दिया.
साउथ एशिया में ईस्ट एशिया के मुकाबले युद्ध का असर ज़्यादा गंभीर है, क्योंकि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के पास फाइनेंशियल बफर बहुत कम हैं और स्ट्रेटेजिक रिजर्व भी कम हैं.

चीन में कितने बढ़े दाम?

चीन में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है. 23 फरवरी को यहां पर 95 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 1.08 डॉलर प्रति लीटर थी, जो 9 मार्च को बढ़कर 1.19 डॉलर प्रति लीटर हो गई.

कनाडा में क्या हाल?

कनाडा में 23 फरवरी को 95 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 1.16 डॉलर प्रति लीटर थी, जो 9 मार्च को बढ़कर 1.30 डॉलर प्रति लीटर हो गई. यानी 11.64 परसेंट का इजाफा हुआ.
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